Best 20+ Latest शराब और शराबियों पर शायरी In Hindi

शराब और शराबियों पर शायरी

हमनें अक्सर तेरी याद में शराब पी हैं
पी कर हमनें ग़ज़ल मुक्कमल की हैं

शराब और शराबियों पर शायरी
शराब और शराबियों पर शायरी

Humne Aksar Teri Yaad Me Sharab Pi Hai,
Pi Kar Humne Gazal Mukammal Ki Hai.

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हुआ कुछ यूं बदनाम आपके शहर मे..
अगर पानी भी पीयूं तो लोग मुझे शराबी समझते है!

शराब और शराबियों पर शायरी
शराब और शराबियों पर शायरी

Hua Kuch Yun Badnaam Aapke Shehar Me..
Agar Paani Bhi Piyun Toh Log Mujhe Sharabi Samajhte Hain!

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आरज़ू को रूह में ग़म बन के रहना आ गया
सहते सहते हम को आख़िर रंज सहना आ गया
जब से मुँह को लग गई मोहब्बत की शराब
बिन-पिए आठों पहर मद-होश रहना आ गया

शराब और शराबियों पर शायरी
शराब और शराबियों पर शायरी

Aarzoo Ko Rooh Me Gum Bann Ke Rehna Aa Gaya
Sehte Sehte Hum Ko Aakhir Ranj Sehna Aa Gaya
Jab Se Muh Ko Lag Gayi Mohabbat Ki Sharab
Bin-Piye Aantho Peher Mad-Hosh Rehna Aa Gaya.

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बहुत शराब,चढाता हुँ रोज,
तब जाकर तुम, कहीं उतरती हो.

शराब और शराबियों पर शायरी
शराब और शराबियों पर शायरी

Bahut Sharab, Chadhata Hun Roz,
Tab Jakar Tum, Kahin Utarti Ho.

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उनके गुलाबी होठों की प्यास_ओ_तलब बढ़ रही हैं…
हम कभी पीते नहीं फिर भी उनकी यादें #शराब सी चढ़ रही है।

शराब और शराबियों पर शायरी
शराब और शराबियों पर शायरी

Unke Gulabi Hothon Ki Pyas_O_Talab Badh Rahi Hain…
Hum Kabhi Peete Nahi Fir Bhi Unki Yaadein Sharab Si Chadh Rahi Hai.

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देखूं जो उसे तो पहचानता नहीं हूँ,
कभी कभी मैं इतनी शराब पीता हूँ,
पुरानी मोहब्बत याद आने लगी हैं,
इसलिए अब मैं पुरानी शराब पीता हूँ

शराब और शराबियों पर शायरी
शराब और शराबियों पर शायरी

Dekhun Jo Use Toh Pehchanta Nahi Hun,
Kabhi Kabhi Mai Itni Sharab Peeta Hun,
Purani Mohabbat Yaad Aane Lagi Hain,
Isliye Ab Mai Purani Sharab Peeta Hun.

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शराब पर शायरी

जो नशा तेरी सूरत मे हैं
वो नशा शराब में नही ये तो कल आज़मा लिया हमने

शराब और शराबियों पर शायरी
शराब और शराबियों पर शायरी

Jo Nasha Teri Surat Me Hain
Woh Nasha Sharab Me Nahi Ye Toh Kal Aazma Liya Humne

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न पूछो कि शराब की लत कैसे लगी..
बस गमों के बोझ से शराब की बोतल हल्की लगी..

जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )
जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )

Na Pucho Ki Sharab Ki Lat Kaise Lagi..
Bas Gumon Ke Bojh Se Sharab Ki Botal Halki Lagi.

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आंखों में बारिश लिए चला था मंजिल ए सुकून की ओर,
मेरे गम को देख कर खिज्र ने मयखाने की राह दिखा दी।

जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )
जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )

Aankhon Me Barish Liye Tha Manjil-E-Sukoon Ki Oor,
Mere Gum Ko Dekh Kar Khijra Ne Maykhane Ki Raah Dikha Di.

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तेरी आंखों में सिमट आई हो जैसे बारिश,
शराब के नशे में डूबती नज़र आती है मेरी हस्ती।

शराब और शराबियों पर शायरी
शराब और शराबियों पर शायरी

Teri Aankhon Me Simat Aayi Ho Jaise Barish,
Sharab Ke Nashe Me Doobti Nazar Aati Hai Meri Hasti.

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मयखाने का रुख छोड़ ना पाऊंगा मैं हरगिज़,
रास मेरी तबियत को पानी वहीं का आता है।

शराब और शराबियों पर शायरी
शराब और शराबियों पर शायरी

Maykhane Ka Rukh Chhod Na Paunga Mai Hargiz,
Raas Meri Tabiyat Ko Paani Wahin Ka Aata Hai.

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शराबियों और शराब पर शायरी

तेरी आंखों का जाम जो तेरे मयखाने में मिलता है,
शहर भर की शराब से कमबख्त ये प्यास बुझती नही।

जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )
जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )

Teri Aankhon Ka Jaam Jo Tere Maykhane Me Milta Hai,
Shehar Bhar Ki Sharab Se Kambakhat Ye Pyas Bujhti Nahi.

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नशीली नजरें, गुलाबी गाल और शराबी चाल,
खुदा जाने नशे में तुम हो या तुममें नशा।

जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )
जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )

Nasheeli Nazrein, Gulabi Gaal Aur Sharabi Chaal,
Khuda Jaane Nashe Me Tum Ho Ya Tumme Nasha.

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बहकते कहां हैं कदम आज कल मेरे शराब से,
बहक गया है नशा भी, कर के इश्क एक जनाब से।

जाम पर शायरी (शराब और शराबियों पर शायरी)
जाम पर शायरी (शराब और शराबियों पर शायरी)

Behakte Kahan Hain Kadam Aaj Kal Mere Sharab Se,
Behak Gaya Hai Nasha Bhi, Kar Ke Ishq Ek Janab Se.

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शराब में बर्फ की तरह वो कुछ इस तरह घुल जाती है,
उसका मेरे लबों को छूना भी मुझे तेज़ाब कर जाता है।

जाम पर शायरी (शराब और शराबियों पर शायरी)
जाम पर शायरी (शराब और शराबियों पर शायरी)

Sharab Me Barf Ki Tarah Woh Kuch Is Tarah Ghul Jati Hai,
Uska Mere Labon Ko Chhuna Bhi Mujhe Tezab Kar Jata Hai.

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ठंड हवाओ मे.. सर्द मौसम मे…
उसकी यादो को जलाने बैठे हैं…
हम लेकर शराब फिर हाथो में,
अब उसे भुलाने बैठे हैं।

Thand Hawaon Me.. Sard Mausam Me…
Uski Yaadon Ko Jalane Baithe Hain…
Hum Lekar Sharab Fir Haathon Me,
Ab Use Bhulane Baithe Hain.

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हर नशा शराब नही होता..
हर कांटे बाला फूल गुलाब नही होता..
तुम मुझसे मोहब्बत करने में इतना डरते क्यो हो,
किसी ” शायर “की मोहब्बत बनना इतना ख़राब नही होता..

Har Nasha Sharab Nahi Hota..
Har Kaante Phool Gulaab Nahi Hota..
Tum Mujhse Mohabbat Karne Me Itna Darte Kyun Ho,
Kisi “Shayar” Ki Mohabbat Banna Itna Kharab Nahi Hota..

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 शराब और शराबियों पर शायरी Images

बहक जाती है शराब भी जब महकता है
तेरा शबाब है
उफ तेरे गुलाबी होंठ है या तेरे होंठों’
जैसा गुलाब है

शराब और शराबियों पर शायरी
शराब और शराबियों पर शायरी

Behak Jati Hai Sharab Bhi Jab Mehekta Hai
Tera Shabab Hai
Uff Tere Gulabi Honth Hai Ya Tere Honthon
Jaisa Gulab Hai.

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तेरे इश्क के नशे में डूब कर रोज शराब इतनी पीता हूं,
तुम्हारा नशा वो है जो शराब चढ़ाने से भी नही उतरता।

शराब और शराबियों पर शायरी
शराब और शराबियों पर शायरी

Tere Ishq Ke Nashe Me Doob Kar Roz Sharab Itni Peeta Hun,
Tumhara Nasha Woh Hai Jo Sharab Chadhane Se Bhi Nahi Utarta.

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शहर में बदनाम शराब, तेरे जाम से हुआ हूं मैं,
लोगों को क्या मालूम, इश्क में बर्बाद हुआ हूं मैं।

जाम पर शायरी
जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )

Shehar Me Badnaam Sharab,Tere Jaam Se Hua Hun Mai,
Logon Ko Kya Maloom, Ishq Me Barbaad Hua Hun Mai.

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बदला बदला है आज उनके चेहरे का रंग,
मयखाने में मैंने उन्हें साक़ी के साथ देखा है।

जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )
जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )

Badla Badla Hai Aaj Unke Chehre Ka Rang,
Maykhane Me Maine Unhe Saaki Ke Dekha Hai.

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शुक्र मानता हूं मैं इस शराबखाने का,
यहां की शराब पी कर होश में आया हूं मैं।

जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )
जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )

Shukr Manta Hun Mai Is Sharabkhane Ka,
Yahan Ki Sharab Pi Kar Hosh Me Aaya Hun Mai.

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जाम पर शायरी

छलकती हुई जाम में अब वो बात न थी,
शबाब में तेरे, शराब तेरे हाथ से जो पी थी।

जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )
जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )

Chhalakti Hui Jaam Me Ab Woh Baat Na Thi,
Shabab Me Tere, Sharab Tere Haathon Se Jo Pi Thi.

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लबों की प्यास अब बुझती नहीं बुझाने में,
ज़हर दे दे मुझे गर शराब नहीं मयखाने में।

जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )
जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )

Labon Ki Pyas Ab Bujhati Nahi Bujhane Me,
Zehar De De Mujhe Gar Sharab Nahi Mayakhane Me.

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नशे में होकर मुझे बहकते नहीं देखा
उन्हें पता हैं मैं कितनी जाम पीता हूँ

जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )
जाम पर शायरी ( शराब पर शायरी )

Nashe Me Hokar Mujhe Behakte Nahi Dekha
Unhe Pata Hain Mai Kitni Jaam Peeta Hun.

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ये इश्क भी नशा-ए-जाम जैसा है, यारो,
करें तो मर जाएँ और छोड़े तो आरज़ू को रूह में ग़म बन के रहना आ गया
सहते सहते हम को आख़िर रंज सहना आ गया जब से मुँह को लग गई
मोहब्बत की जाम बिन-पिए आठों पहर मद-होश रहना आ गया तो किधर जाएँ.

Yeh Ishq Bhi Nasha-E-Jaam Jaisa Hai, Yaaron,
Karein Toh Marr Jayein Aur Chhode Toh Aarzoo Ko Rooh Me Gum Bann Ke Rehna Aa Gaya
Sehte Sehte Hum Ko Aakhir Ranj Sehna Aa Gaya Jab Se Muh Ko Lag Gayi
Mohabbat Ki Jaam Bin-Piye Aathon Pehar Mad-Hosh Rehna Aa Gaya Toh Kidhar Jayein.

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वो कहता है अक्सर कुछ लिखो हम पर,
आज उसके कुछ जबाब लिख देतीं हूं.
हकीकत ना सही अधूरे ख्वाब लिख देती हूँ
मैं ना हो सकी तेरे लबो से वाकिफ तेरी आँखो को पुरानी शराब लिख देतीं हूं.
मशरूफ है गैरों के हुस्न में तेरा शौकीं शबब लिख देती हूँ.

लिखती हूं कि तू ना हो सका मेरा..
पर तेरी वजह से हुईं मेरी आदतें खराब लिख देतीं हूं..
मैं गर ना लिख सकूं तेरी सच्चाई..
तेरी तारीफ में झूट ला – जबाब लिख देतीं हूं..

तू भी हो जाता वफा की राह में शहंशाह मगर.
मैं जब भी लिखती हूँ बे- वाक लिख देती हूँ अश्क मेरे मैं रख लेती हूं
तू तेरे जज्बात रख ले
जबाव तेरे अब नहीं है मुझमे.
तू तेरे सवालात रख ले.

लगा के तोहमत मुझपे कत्ल की.
तेरे दिल का नाम हवालात रख ले.
कुछ भी बकाया नहीं छोड़ुगीं.. तेरे सारे हिसाब लिख देतीं हूं
हकीकत ना सही अधूरे ख्वाब लिख देतीं हूं.

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तेरी यादों का इक हुजूम आता हैं
मैंने चाँदनी रात में भी जाम पी हैं
कई दिन बात आज मैं घर आया हूँ
खुद अपने साथ मैंने बैठ जाम पी हैं
इसका मज़ा तो कुछ औऱ ही हैं
ग़मों को ख़ुशी में डालकर पी हैं
वैसे तो हमनें कभी पी नहीं जाम
जब पी हैं तो हद्द से ज़्यादा ही हैं

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